• Bharat Raj Bhusal

मंगल ग्रह का अपोजिशन



मंगल ग्रह दिनांक 14.10.2020 को भोर में 4.40 बजे अपोजिशन की अवस्था में आएगा । दिनांक 14.10.2020 की शाम को मंगल ग्रह ठीक सूर्यास्त के साथ ही पूर्व दिशा से उगता हुआ नजर आएगा ।


अपोजिशन :-जब भी कोई ग्रह पृथ्वी और सूर्य के साथ एक ही तल में आ जाता है , तब इस खगोलीय घटना को उस ग्रह का अपोजिशन की अवस्था कहते है । मंगल ग्रह और पृथ्वी दोनों सूर्य की परिक्रमा करते है । मगर पृथ्वी की ऑर्बिट मंगल ग्रह के परिक्रमा पथ से छोटी है । अतः पृथ्वी मंगल ग्रह से ज्यादा तेज सूर्य कि परिक्रमा करती है । मंगल ग्रह के एक परिक्रमा काल में पृथ्वी सूर्य के दो चक्कर लगा चुकी होती है । अपोजिशन की अवस्था में मंगल ग्रह और सूर्य दोनों पृथ्वी के ठीक विपरीत दिशाओं में होते है । आम भाषा में ये ठीक उसी प्रकार से है कि ठीक सूर्यास्त के समय मंगल ग्रह उदित होगा । और भोर में सूर्योदय के समय मंगल ग्रह पश्चिम दिशा में अस्त हो जाएगा । इस प्रकार मंगल ग्रह पूरी रात खगोल प्रेमियों को दिखाई देगा ।



यहां ये भी याद रखना चाहिए कि मंगल ग्रह का बेस्ट व्यू धरती वासियों को हर 15 से 17 सालों में एक या दो बार ही देखने को मिलता है । क्योंकि हर 15 - 17 सालों में मंगल ग्रह का होने वाला अपोजिशन ठीक मंगल ग्रह की पेरी हेलियन अवस्था के आस पास होता है । इस अवस्था में मंगल ग्रह सूर्य के सबसे नजदीक होता है । और सबसे ज्यादा चमकदार नजर आता है ।



चूंकि दोनों ग्रहों की ऑर्बिट्स ठीक वृत्ताकार नहीं है अतः ये ग्रह अपोजिशन के समय हमेशा पृथ्वी से सबसे कम दूरी पर नहीं होता । ये बहुत ही अद्वितीय घटना होती है कि मंगल ग्रह पृथ्वी के सबसे करीब भी हो और अपोजिशन पर भी हो ।



ऐस्ट्रो फोटो ग्राफी के लिए 14 अक्टूबर और उसके बाद लगभग 10 दिनों तक का रात्रि आकाश सबसे उत्तम है ।


यदि मंगल ग्रह धरती के सबसे ज्यादा करीब आ जाए तो धरती और मंगल ग्रह के बीच की दूरी मात्र 54.6 मिलियन किलोमीटर रह जाएगी ।मंगल ग्रह धरती के सबसे ज्यादा करीब प्रत्येक लगभग 2 वर्ष या लगभग 26 महीने में आता है । ठीक ठीक लगभग 780 दिनों में।



दिनांक 14.10.2020 को मंगल ग्रह की पृथ्वी से दूरी 63.632 मिलियन किलोमीटर रह जाएगी ।

चूंकि मंगल ग्रह सूर्यास्त के समय उदित हो रहा होगा इस कारण से वो अपने आकार से क्षितिज पर आभासी रूप से बड़ा नजर आएगा ।

14 अक्टूबर को शुक्र ग्रह और चंद्रमा का कंजंक्शन भी नजर आएगा । जो की 14.10.2020 को भोर में 5.27 में दिखाई देगा । इस समय इनके बीच की दूरी 4.4डिग्री रह जाएगी जिससे ये दोनों बहुत करीब नजर आएंगे । शुक्र और चंद्रमा का एक साथ दिखाई देना ऐस्ट्रो फोटोग्राफर के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण एवम् रोमांचक होता है ।


आकाश में चंद्रमा घट रहा है जो कि 17.10.2020 को अमावस्या तक घटता जाएगा उसके बाद फिर से बढ़ना शुरू होगा । और फर्स्ट क्वार्टर तक आते आते 23 अक्टूबर हो जाएगा । तब तक मंगल ग्रह रात्रि आकाश में बेहद चमकदार नजर आता रहेगा ।


A report by

Bharat Bhusal

Director, Sibintech Solutions

Member, SKY Amateur Astronomers Club

Member, UP Amateur Astronomers Club


Bharat Bhusal


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