वर्ष 2020 का अंतिम सुपर मून । Last Supermoon of 2020

सुपर मून और वो भी मई 2020 में, जी हां सही सुना आपने, सुपर मून जिसका आकार सामान्य से बड़ा होगा और सामान्य से ये बहुत ज्यादा चमकीला होगा । 6 मई को इस माह में पृथ्वी के सबसे ज्यादा नजदीक होंगे हमारे प्यारे चंदा मामा और 7 मई को पूर्णिमा का चांद देखने को मिलेगा ।




दिनांक 06 अप्रैल को सुबह 08.33 पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे ज्यादा करीब होगा । इस समय चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी मात्र 359700 किलोमीटर रह जाएगी । चंद्रमा की ये स्थिति पेरिगी (Perigee) की स्तिथि (Position) कहलाती है। इस स्थिति से चन्द्रमा हमे काफी बड़ा दिखना शुरू हो जाएगा । मगर सुपर मून देखने के लिए हमे अगली रात का इंतजार करना होगा क्योंकि पूर्णिमा अगले दिन यानी 7 मई को दोपहर 4.15 पर होगी । सूर्यास्त के तुरंत बाद लगभग शाम 6.36 से हम इस सुपर मून के अद्भुद नजारे को पूरी रात अवलोकित कर सकते है । क्योंकी 7 मई को चन्द्रमा अस्त नहीं होगा ।

सामान्य रूप से पृथ्वी की चंद्रमा से दूरी 384400 किलोमीटर मानी जाती है तथा चन्द्रमा की पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर होने पर ये दूरी लगभग 405696 किलोमीटर मानी जाती है । और इस स्तिथि को अपोगी (Apogee) की स्तिथि कहते है ।

यदि चन्द्रमा के पेरीगी की स्तिथि में पूर्णिमा (Full Moon) पड़ जाए तो हमे सुपर मून दिखाई देता है । वर्ष में न्यूनतम 12 पूर्णिमा पड़ती है मगर ऐसा काम ही होता है कि परिगी की स्तिथि में पूर्णिमा भी पड़े । अतः ये एक अद्भुत घटना है ।


इस वर्ष में चन्द्रमा का यह अंतिम सुपर मून होगा ।. इस लिए इसे मिस मत करिएगा । जरूर निहरिएगा । और इसके साथ अपनी सेल्फी जरूर लेने की कोशिश करे ।


चन्द्रमा के Perigee स्तिथि में पहुंचने के ठीक 19 घंटे और 45 मिनट के बाद चन्द्रमा की पूर्णिमा की अवस्था आएगी । ये आपको दोपहर में 4.15 पर होगा। सो हमे सुपर मून को देखने के लिए रात का इंतजार करना होगा । और दिनांक 7 मई की पूरी रात्रि को हम सुपर मून देख सकेंगे । क्योंकी इस दिन चन्द्रमा का अस्त नहीं होगा ।



इस सुपरमून को देखने को इच्छुक लोगों को बता दें कि ये इस साल का अंतिम सबसे चमकदार और सबसे बड़ा फुलमून (FullMoon) होगा।

पारंपरिक रूप से मई पूर्णिमा को दूधिया चंद्रमा यानी मिल्क मून (Milk Moon) कहा जाता है। वहीं, इस साल इसे सुपर मिल्क मून (Super Milk Moon) कहा जाएगा , क्योंकि ये पूर्णिमा के दिन दिखाई देने वाला सुपरमून होगा।



पृथ्वी के नजदीक होने की वजह से चंद्रमा बहुत बड़ा और चमकदार दिखाई देता है।


हर पूर्णिमा एक सुपरमून ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है, क्योंकि पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा अंडाकार कक्षा में घूमता है। चंद्रमा हमे पूरा तब भी दिखाई दे सकता है, जब वो हमारे ग्रह यानी पृथ्वी से ज्यादा दूरी पर हो।



8 अप्रैल 2020 में आखिरी सुपरमून दिखाई दिया था। लोकप्रिय रूप से अप्रैल के सुपरमून को सुपर पिंक मून भी कहा गया था।



2020 में दिखाई देने वाले सभी 4 सुपर मूनस में से ये अंतिम सुपर मून होगा ।





किसी भी वर्ष में अधिकतम चार सुपरमूंस दिखाई दे सकते है । सुपरमून की स्तिथि में चन्द्रमा माइक्रो मून से 14 % बड़ा एवम् 30% ज्यादा चमकदार नजर आएगा ।

पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा का उदय सायंकाल 6.36 पर होगा तथा पूरी रात्रि चन्द्रमा आकाश को प्रकाशमान बनाए रखेगा ।

दिनांक 18 मई 2020 को चन्द्रमा की दूरी हमसे सबसे ज्यादा दूर 405600 किलोमीटर होगी । यानि चन्द्रमा एपोगी (Apogee) ki स्तिथि में होगा और चन्द्रमा का पूरी रात दिखेगा मगर क्रिसेंट फेस के साथ l
Blogger:- अमरपाल सिंह, एजुकेटर, वीर बहादुर सिंह तारामंडल, गोरखपुर
Inputs:- Sumit Kumar Shrivastava, Amritanshu Vajpayee
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