वर्ष 2020 के सबसे ज्यादा चमकदार शुक्र ग्रह को निहारे ।

शुक्र ग्रह जो की पृथ्वी की कक्षा से आगे सूर्य के चारो और चक्कर लगाता है वो हमे कई महीनों में कुछ समय के लिए या तो सुबह भोर में या शाम को कुछ समय के लिए दिखाई देता है । 28 अप्रैल को शुक्र ग्रह पृथ्वी के सापेक्ष सूर्य से सबसे दूर दिखाई होगा । इसका मतलब है कि शुक्र ग्रह 28 तारीख को सबसे ज्यादा चमकदार दिखाई देगा । इस दिन शुक्र ग्रह की चमक (-4.73) तक पहुंच जाएगी । और यदि किसी की आंखे पूर्ण रूप से स्वस्थ है तो वो नंगी आंखो से शुक्र ग्रह की कलाओं को देख सकता है । नहीं तो , शुक्र ग्रह की कला को देखने के लिए एक साधारण दूरदर्शी कि सहायता ली जा सकती है ।



Courtesy - earthsky


जब शुक्र ग्रह पृथ्वी से दूर होता है और सूर्य, शुक्र प्रथ्वी एक सीध में आ जाते है तो इसे सुपीरियर कंजंक्शन कहते है तथा जब शुक्र पृथ्वी के करीब होता है और सूर्य, शुक्र और पृथ्वी एक सीध में आ जाते है तो इसे इन्फेरियोर कंजंक्शन कहते है । इसी प्रकार जब शुक्र पश्चिम दिशा में सूर्य से सबसे अधिक दूर हो या पूर्व दिशा में पृथ्वी के सबसे दूर हो तो इसे शुक्र ग्रह का इलोंगेशन कहते है । इस पर शुक्र ग्रह की सूर्य से कोणीय दूरी सबसे ज्यादा होती है ।


किन्तु इस समय पृथ्वी के सापेक्ष इसकी कोणीय दूरी सबसे ज्यादा नहीं होती । पृथ्वी से देखने पर पूर्व दिशा या पश्चिम दिशा में शुक्र ग्रह अपने इन्फिरियर कंजंक्शन से 36 दिन पहले और पूर्व दिशा में इंफरियर कंजंक्शन के 36 दिन बाद दिखाई देता है । यानि ये अवस्था इन्फरियर कंजंक्शन और पूर्वी अथवा पश्चिमी एलोंगेशन के ठीक मध्य में आती है इस अवस्था में शुक्र ग्रह पृथ्वी से सबसे अधिक चमकदार नजर आता है । इन दिनों में देखे जाने पर शुक्र ग्रह की डिस्क सामान्य की अपेक्षा काफी बड़ी नजर आती है और सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित यह ग्रह सबसे ज्यादा चमकदार नजर आता है । इसके बाद ये इन्फिरियोर कंजंक्शन की अवस्था आनी शुरू होती है ।


शुक्र ग्रह का इंफिरियर कंजक्शन 3 जून 2020 को है । अतः इसके ठीक 36 दिन पहले यानी 28 अप्रैल को सूर्यास्त के पहले से ही यह आसमान में दिखाई देने लगेगा । इसके ठीक 72 दिन बाद यानी 10 जुलाई 2020 को शुक्र पुनः अधिकतम इल्लुमिनेशन extent पर होगा मगर तब ये सूर्योदय से पूर्व दिखाई देगा ।इस वर्ष का सबसे ज्यादा चमकदार शुक्र हमे 28 अप्रैल को दिखाई देगा जिसमे इसकी चमक -4.73 तक पहुंच जाएगी । खगोलिकी में कम अंकोंस चमकदार चीजों को मापा जाता है और माइनस साइन बहुत ज्यादा चमकदार पिंडो में प्रयोग किया जाता है ।

यदि कलाओं की बात करे तो शुक्र ग्रह की 27 प्रतिशत कला ही दृष्टिगोचर होगी ।इस दिन शुक्र ग्रह अपने सामान्य आकार से 40 प्रतिशत बड़ा नजर आएगा । यह वृहस्पति ग्रह से 9 गुना चमकीला और तारो में सबसे ज्यादा चमकदार तारे सीरियस से भी 20 गुना ज्यादा चमकदार नजर आएगा।




इसी दिन अप्रैल माह की दूसरी उल्का वर्षा यानि अल्फा स्कॉरपिडस भी अपने अधिकतम पर होगी ।रात 9 बजे दक्षिण पूर्व दिशा से ये उल्का वर्षा शुरू होगी । किन्तु क्षितिज पर होने से ज्यादा खूबसूरत नहीं होगी । रात में करीब 2.17 पर यह उल्का वर्षा दक्षिण दिशा की तरफ हमारे सर के ठीक ऊपर होगी । यानि रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक इस उल्का वर्षा को देखा जा सकेगा । इस उल्का वर्षा में अधिकतम 5 टूटते तारे ही दिखाई देंगे अतः इसे देखने के लिए अत्यंत धैर्य की जरूरत होगी ।



Courtasy- astrobob


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अभिमन्यु वर्मा

डायरेक्टर, ऑपरेशन्स

स्काई फाउंडेशन




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